
प्रख्यात ज्योतिष आचार्य डॉक्टर मुनीश गौड़ को ‘ज्योतिष शिरोमणि’ अवार्ड से किया सम्मानित
ज्योतिष विद्या के क्षेत्र में अपने गहन ज्ञान और अद्वितीय योगदान के लिए प्रख्यात ज्योतिष आचार्य डॉ. मुनीश गौड़ को ‘ज्योतिष शिरोमणि’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें उनकी अद्वितीय भविष्यवाणियों, शोध कार्य और समाज को ज्योतिष विज्ञान के प्रति जागरूक करने के प्रयासों के लिए दिया गया।
ज्योतिष क्षेत्र में डॉ. मुनीश गौड़ की उपलब्धियाँ
डॉ. मुनीश गौड़ एक अनुभवी और सम्मानित ज्योतिषाचार्य हैं, जिन्होंने वर्षों तक गहन अध्ययन और शोध कर ज्योतिष को एक नए आयाम तक पहुँचाया है। उनकी गणनाएँ और भविष्यवाणियाँ कई बार सटीक साबित हुई हैं, जिससे वे न केवल भारत में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लोकप्रिय हो गए हैं।
उन्होंने ज्योतिष विज्ञान के विभिन्न पहलुओं जैसे—वैदिक ज्योतिष, अंक ज्योतिष, वास्तुशास्त्र और कुंडली विश्लेषण पर गहन अध्ययन किया है। साथ ही, वे अपने शोध कार्यों के माध्यम से नई पीढ़ी को इस प्राचीन विद्या की वैज्ञानिकता से परिचित कराने में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
समारोह में गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति
पुरस्कार समारोह में अनेक गणमान्य व्यक्तियों, विद्वानों और ज्योतिष प्रेमियों ने भाग लिया। इस अवसर पर डॉ. गौड़ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा—
“ज्योतिष केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि एक गूढ़ विज्ञान है, जो हमारे जीवन के विभिन्न पहलुओं को समझने और सही दिशा में मार्गदर्शन करने में सहायक होता है। इस सम्मान से मैं और अधिक प्रेरित हुआ हूँ कि इस प्राचीन विद्या को और भी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुँचाऊँ।”
समाज में ज्योतिष की भूमिका
डॉ. मुनीश गौड़ का मानना है कि ज्योतिष विज्ञान का उद्देश्य केवल भविष्यवाणी करना नहीं, बल्कि व्यक्ति को आत्म-जागरूक बनाना और जीवन में सही निर्णय लेने में सहायता करना है। वे नियमित रूप से विभिन्न मंचों, सेमिनारों और कार्यशालाओं के माध्यम से इस ज्ञान को लोगों तक पहुँचाते हैं।
‘ज्योतिष शिरोमणि’ अवार्ड प्राप्त करना न केवल डॉ. मुनीश गौड़ के लिए, बल्कि पूरे ज्योतिष जगत के लिए गर्व की बात है। यह पुरस्कार इस बात का प्रमाण है कि ज्योतिष विज्ञान को अब एक सम्मानजनक दृष्टिकोण से देखा जा रहा है और इसके महत्व को स्वीकार किया जा रहा है।
निष्कर्ष
डॉ. मुनीश गौड़ का यह सम्मान न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि ज्योतिष विज्ञान के प्रचार-प्रसार में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके प्रयासों से आने वाली पीढ़ियाँ इस प्राचीन विद्या के महत्व को समझेंगी और इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से अपनाएँगी।
हम आशा करते हैं कि वे इसी प्रकार अपने ज्ञान से समाज का मार्गदर्शन करते रहें और ज्योतिष विद्या को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाएँ।